भोजपुरी संगीत आज के युवा पीढ़ी में बहुत प्रसिद्ध है। इसकी सुगम भाषा और दिलचस्प धुन इसे अनेक श्रोता के बीच पसंद का कारण बनाती है। यह गाने अक्सर मोहब्बत, जीवनशैली और सामाजिक परिवेश पर आधारित होते हैं, जो इसे सभी आयु वर्ग के लिए उपयुक्त बनाते हैं। भोजपुरी सिनेमा के अग्रसर होने के साथ, इसकी गीत की जरूरत भी बढ़ी है।
शीर्ष भोजपुरी हिट्स
भोजपुरी सिनेमा में कई अलग स्थान घेरता है, खासकर इसके मधुर हिट्स के कारण। वर्तमान में भोजपुरी धुन दुनिया भर में अपनी नया जगह बना रहे हैं। ये भोजपुरी हिट्स लोगों को अधिक पसंद आते हैं, और इनकी लोकप्रियता लगातार रहती रहती है। अनेक गायक जैसे कि मनोज यादव और कांचन के प्रस्तुति हमेशा ध्यान बने रहते हैं। इस हिट्स के रहते भोजपुरी संगीत अधूरा महसूस होता है।
ग़ज़ल भोजपुरी
Bhojpuri भाषा में ग़ज़ल एक प्रसिद्ध साहित्यिक रूप है। यह उर्दू गजल का प्रभाव में विकास हुई है, लेकिन भोजपुरी bhojpuri picture लोकगीत के स्वरूप में अपना विशिष्ट रंग विकसित रखा है। अनेक मुंशी जैसे बेचन ने भोजपुरी गजल में शानदार रचनाएँ लिखित हैं, जो अभी भी पढ़ी जाती हैं और लोगों के दिल को छु करती हैं। यह भावनात्मक जोहर का एक बेहतरीन प्रदर्शनी है।
भोजपुरी प्रेम गाना
इहां Bhojpuri सिनेमा में मोहब्बत के गाना का बस बोलबाला रहेला रहेला। इन दिलदार धुन में दुख भरे बोल देवे के जनता को बांध लेलें। बहुत कलाकार अपना मत को दे सके के खातिर इन गाना का सहारा लिहे, जहाँ प्यार के बात का अनूठा रूप नजर आ सके। हूँ इन गाना में साधारण ज़िन्दगी के आनंद और तकलीफ भी मेलें रहले के केस पावलें।
एक भोजपुरी हिट गाना
{आजकल | वर्तमान समय में | इन दिनों, Bhojpuri cinema की "भोजपुरी हिट गाना" का बोलबाला है। दर्शक इन शानदार गानों को पसंद करते हैं और इनकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। ये गाने आमतौर पर अपने सहज बोल और शानदार संगीत के लिए मशहूर हैं। कई अभिनेता इन गानों को गा कर लोकप्रिय हुए हैं, और ये गाने भोजपुरी जगत के रंग का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। आप भी इन गानों का लुत्फ़ ले सकते हैं!
भोजपुरी गजलें
भोजपुरी बोली में गजल एक खास साहित्यिक प्रकार है। ये ढांचा मुख्यतः प्रेम, गम, और रहमत के विषयों पर फोकस है। अनेक कवि आजकल भोजपुरी गजलें रचना रहे हैं, और उनके कृति श्रोताओं को बहुत पसंद देता। गजल की सामान्य संरचना बाइहारी लेखन संसार में भी मिलता है, यद्यपि इसमें स्थानीय संस्कृति एवं परम्परा का प्रभाव भी पता {है।